मध्य प्रदेश @70 : गौरव की विरासत, भविष्य की नई उड़ान
बड़ा सवाल : अगली पीढ़ी को हम कैसा मध्य प्रदेश सौंपेंगे? (प्रवीण कक्कड़) मध्य प्रदेश केवल भारत के मानचित्र का हृदय नहीं, बल्कि करोड़ों सपनों, संघर्षों और संभावनाओं की जीवंत धड़कन है। यहाँ नर्मदा की अविरल धारा में जीवन है, महाकाल की आस्था में विश्वास है, साँची की शांति में संस्कृति है और खेतों में पसीना बहाते किसान के परिश्रम में समृद्धि की उम्मीद। यह वह प्रदेश है, जहाँ गौरवशाली अतीत हमारी पहचान है और नई पीढ़ी के सपने हमारे भविष्य की दिशा तय कर रहे हैं। 1 नवंबर 1956 को अस्तित्व में आया मध्य प्रदेश आज अपनी स्थापना की 70वीं वर्षगाँठ मना रहा है। सात दशकों में हमने विकास की अनेक उपलब्धियाँ हासिल कीं, चुनौतियों का सामना किया और नई संभावनाओं के द्वार खोले। लेकिन आज अवसर केवल उपलब्धियों का उत्सव मनाने का नहीं, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने का भी है। क्योंकि असली प्रश्न यह नहीं कि पिछले 70 वर्षों में हमने क्या पाया, बल्कि यह है कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हम कैसा मध्य प्रदेश बना रहे हैं? विरासत से आगे, संभावनाओं का प्रदेश मालवा की जीवंतता, निमाड़ की आत्मीयता, बुंदेलखंड का स्वाभिमान, बघेलखंड की सा...