उम्मीदों के 'जंतर-मंतर' पर खड़ा भारत का युवा
युवा आक्रोश : जिम्मेदारों की जवाबदेही और लोकतंत्र की ताकत (प्रवीण कक्कड़) दिल्ली का जंतर-मंतर इन दिनों केवल विरोध का एक पता नहीं, बल्कि देश के युवाओं की बेचैनी, उम्मीद और टूटते भरोसे का प्रतीक बन गया था। यहाँ खड़ा हर युवा मानो अपने मन में एक ही प्रश्न दोहरा रहा था, क्या उसका भविष्य भी आश्वासनों, आंदोलनों और इंतज़ार के इसी जंतर-मंतर में उलझकर रह जाएगा, या उसकी मेहनत को कभी निष्पक्ष अवसर भी मिलेगा? मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा-व्यवस्था की अनियमितताओं के विरोध में शुरू हुआ आंदोलन जवाबदेही, पारदर्शी व्यवस्था और सम्मानजनक रोजगार की व्यापक मांग का स्वर बन गया। घटनाक्रम के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया और जंतर-मंतर का आंदोलन भी अपने इस चरण में शांतिपूर्वक पूर्ण हुआ। अब देश की निगाहें परीक्षा-तंत्र में अपेक्षित सुधारों के प्रभावी क्रियान्वयन पर टिक गई हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने एक सकारात्मक संदेश भी दिया कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण संवाद, जनभागीदारी और जवाबदेही की प्रक्रिया आज भी प्रभावी है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने...