युवा सवालों से बदल रही राजनीति की दिशा
जनआंदोलन : सड़क पर उठे सवाल बदल देते हैं सियासत ( प्रवीण कक्कड़ ) भारतीय राजनीति में इन दिनों एक दिलचस्प बदलाव दिखाई दे रहा है। अचानक युवा केवल भाषणों में देश का भविष्य नहीं रहा, वह राजनीतिक दलों के वर्तमान एजेंडे की प्राथमिकता बन गया है। सरकार कैंपस तक पहुँचने की रणनीति बना रही है, मंत्री विश्वविद्यालयों में युवाओं से संवाद करेंगे, सोशल मीडिया की भाषा और अंदाज बदल रहा है, राज्यों में Gen-Z से सीधे जुड़ने के कार्यक्रम तैयार हो रहे हैं। विपक्ष भी शिक्षा, परीक्षा, रोजगार और युवा आकांक्षाओं को अपनी राजनीतिक रणनीति के केंद्र में ला रहा है। सवाल है - आखिर ऐसा अचानक क्यों? इसका एक बड़ा जवाब कुछ सप्ताह पीछे दिल्ली के जंतर-मंतर पर मिलता है। प्रतियोगी परीक्षाओं की गड़बड़ियों, पेपर लीक, रोजगार और जवाबदेही के सवालों पर खड़े हुए Gen-Z आंदोलन ने भले अपना धरना समाप्त कर दिया हो, लेकिन जाते-जाते उसने राजनीतिक दलों के सामने एक नया चुनावी सच रख दिया - इस पीढ़ी को नजरअंदाज करना अब आसान नहीं है। दरअसल भारतीय लोकतंत्र में यह पहली बार नहीं हुआ। यहाँ चुनाव सरकार बदलते हैं, लेकिन कई बार आंदोलन राजनीति की दि...