आधी आबादी का पूर्ण आकाश
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 1911 से 2026: ‘अस्तित्व से व्यक्तित्व’ तक पहुँचने की प्रेरक गाथा (प्रवीण कक्कड़) अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस यानी 8 मार्च 2026 केवल एक तिथि नहीं, बल्कि एक बदलते युग की पहचान है। इस वर्ष महिला दिवस का यह अवसर और भी खास हो गया है क्योंकि इसके साथ ही रंग पंचमी का उत्सव भी जुड़ा है। जैसे रंग पंचमी जीवन के विविध रंगों और उल्लास का प्रतीक है, वैसे ही आज की नारी अपनी प्रतिभा के हर रंग आत्मविश्वास, मेधा, साहस और करुणा से दुनिया को परिचित करा रही है। आज की नारी का संकल्प है कि वह समाज, परिवार और अपने लक्ष्यों के बीच तालमेल बिठाते हुए जीवन के हर रंग को खुलकर जिए। भारत की संसद से लेकर गाँवों की चौपालों तक आज एक नई गूँज सुनाई दे रही है, यह गूँज है उस नारी शक्ति की, जो अब केवल विकास की लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास की दिशा तय करने वाली शक्ति बन चुकी है। भारत आज ‘महिला विकास’ की पारंपरिक अवधारणा से आगे बढ़कर ‘महिला-नीत विकास’ की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। अंतरिक्ष के रहस्यों से लेकर स्टार्टअप इकोसिस्टम तक, देश की बेटियाँ हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का ...